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About us

समय बहुत तेजी से बीत रहा है ओर समय के साथ ही सब कुछ बदल रहा है॥ एक जमाना था जब बेटा- बेटियो के रिश्ते घर, पड़ोस ओर रिश्तेदारों के बुजुर्गो के द्वारा ही किए ओर कराये जाते थे॥ हमारा जीवन समूहिक परिवारों मे बीतता था…  अब ऐसा नहीं रहा । प्रथम तो हम एकल परिवार हो गए है, कुछ मजबूरी वश क्योकि रोजी रोटी के कारण परिवार छोडकर दूर बसना पड़ा। दूसरे, बुजुर्गो का वह आदर रहा ना सम्मान। तीसरे, हमारी प्रथमिकताए तेजी से बदली है। अब हम आदर्शवादी के स्थान पर प्रेक्टिकल हो गए है, बेटा बेटी के रिश्ते करते समय सारे तथ्यो को देखना परखना पसंद करते है, जो बुरा भी नहीं है।

 

यह मट्रीमोनियल साइट क्यो….

वर्ष 2010 मे हमने अपनी बेटी की शादी की थी, जब हमने उसके लिए रिश्ता ढूँढना शुरू किया तो बहुत कुछ सीखने को मिला, कोई रिश्तेदार रिश्ते बताने को तैयार नहीं था। कारण, किसी के पास समय नहीं है, ओर अगर समय निकाल भी ले तो शादी के बाद बुराई आने के डर से कोई रिश्ता बताने को आजकल तैयार नहीं होता।

उसके बाद मट्रीमोनियल साइट देखनी शुरू की। आजकल सभी शादी रिश्तो के संस्थानो ने  रिश्ते कराना भी बड़ा व्यापार बना लिया है। वे केवल अपनी फीस तक सीमित रहते है जो काफी खर्चीली भी होती है। फीस लेने के बाद उनका संबंध खत्म सा हो जाता है।

अभी हम रिटाइरिंग जीवन के करीब है, बेटी की शादी को 7 साल हो गए, बेटा सॉफ्टवेर इंजीनियर था, जो नौकरी छोडकर एक बड़े कॉलेज से एमबीए कर रहा है। कॉलेज से ही एक अच्छा सा प्लेसमेंट भी हो गया है।

अभी हमने विचार किया की कोई ऐसा काम करे जिससे अपने समाज से भी जुड़े ओर कुछ समाज के लिए सेवा भी हो सके। हमने सोचा की क्यो ना सिर्फ अपने अगरवाल समाज के लिए ऐसी कोई सेवा करना शुरू कर दे।

 

हम ये सेवा बिलकुल मुफ्त करना चाहते थे परंतु इसको चलाने मे बहुत सारे खर्चे आएगे…अतः बिलकुल मुफ्त उपलब्ध करना तो संभव नहीं होगा।  फिर भी हम इसमे फीस कम से कम रखेगे। ओर हाँ, अगर हमारे समाज का कोई व्यक्ति अपने बेटा या बेटी का रिश्ता करवाना चाहता है, जो हमारी फीस देने मे असमर्थ हो, तो बिना संकोच के फ्री सेवा ले सकता है। हमारे अन्य भाई बहनो से भी निवेदन है की अगर कोई ऐसा व्यक्ति आपको मिले तो आप हमे या उसे सूचित करे। हमे खुशी होगी उसको ये फ्री सेवा देने मे।

अभी शुरुआत है, पैसे फालतू हम भी खर्च नहीं करना चाहेगे। फिर भी जरूरी जरूरी सुविधाए उपलब्ध जरूर कराएगे।

आपको आपकी अपनी ये वैबसाइट कैसी लगी, जरूर बताए।

जय अगरसेन महाराज…..

(पूनम मित्तल )

संचालिका